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सुनन इब्न माजा

नंबर 745

नंबर 745किताब 4, नंबर 11
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرِو بْنِ يَحْيَى، عَنْ أَبِيهِ، وَحَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ يَحْيَى، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ الأَرْضُ كُلُّهَا مَسْجِدٌ إِلاَّ الْمَقْبَرَةَ وَالْحَمَّامَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Sa'eed Khudri said:"The Messenger of Allah said: 'All the earth is a mosque, except for graveyards and Hammam
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book On The Mosques And The Congregations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।