حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ، حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ أَعْيَنَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَاقَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، وَسُئِلَ، عَنِ الْحِيطَانِ، تُلْقَى فِيهَا الْعَذِرَاتُ فَقَالَ " إِذَا سُقِيَتْ مِرَارًا فَصَلُّوا فِيهَا " . يَرْفَعُهُ إِلَى النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ .
It was narrated that Ibn 'Umar was asked about gardens in which excrement was thrown.:He said: "If it has been watered several times, then perform prayer there," and he attributed that to the Prophet
स्रोत में दर्ज दर्जे
DaifAl-Albani
DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
DaifShuaib Al Arnaut
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।