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सुनन इब्न माजा

नंबर 4252

नंबर 4252किताब 37, नंबर 153
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَبْدِ الْكَرِيمِ الْجَزَرِيِّ، عَنْ زِيَادِ بْنِ أَبِي مَرْيَمَ، عَنِ ابْنِ مَعْقِلٍ، قَالَ ‏:‏ دَخَلْتُ مَعَ أَبِي عَلَى عَبْدِ اللَّهِ فَسَمِعْتُهُ يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏:‏ ‏"‏ النَّدَمُ تَوْبَةٌ ‏"‏ ‏.‏ فَقَالَ لَهُ أَبِي ‏:‏ أَنْتَ سَمِعْتَ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏:‏ ‏"‏ النَّدَمُ تَوْبَةٌ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ ‏:‏ نَعَمْ ‏.‏
It was narrated that Ibn Ma’qil said:“I entered with my father upon ‘Abdullah, and I heard him say: ‘The messenger of Allah (ﷺ) said: “Regret is repentance.” My father said: ‘Did you hear the Prophet (ﷺ) say: “Regret is repentance?” He said: ‘Yes.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।