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सुनन इब्न माजा

नंबर 4093

नंबर 4093किताब 36, नंबर 169
حَدَّثَنَا سُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ، عَنْ بَحِيرِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ خَالِدِ بْنِ أَبِي بِلاَلٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بُسْرٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ بَيْنَ الْمَلْحَمَةِ وَفَتْحِ الْمَدِينَةِ سِتُّ سِنِينَ وَيَخْرُجُ الدَّجَّالُ فِي السَّابِعَةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah bin Busr that the Messenger of Allah (ﷺ) said:"Between the fierce battle and the conquest of Al-Madinah will be six years, and the appearance of Dajjal will come in the seventh
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Tribulations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।