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सुनन इब्न माजा

नंबर 4092

नंबर 4092किताब 36, नंबर 168
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ، وَإِسْمَاعِيلُ بْنُ عَيَّاشٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي مَرْيَمَ، عَنِ الْوَلِيدِ بْنِ سُفْيَانَ بْنِ أَبِي مَرْيَمَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ قُطَيْبٍ السَّكُونِيِّ، - وَقَالَ الْوَلِيدُ يَزِيدُ بْنُ قُطْبَةَ - عَنْ أَبِي بَحْرِيَّةَ، عَنْ مُعَاذِ بْنِ جَبَلٍ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ الْمَلْحَمَةُ الْكُبْرَى وَفَتْحُ الْقُسْطُنْطِينِيَّةِ وَخُرُوجُ الدَّجَّالِ فِي سَبْعَةِ أَشْهُرٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Mu'adh bin Jabal that the Prophet (ﷺ) said:"The great fierce battle, the conquest of Constantinople and the emergence of Dajjal, will all happen within seven months
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Tribulations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।