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सुनन इब्न माजा

नंबर 4060

नंबर 4060किताब 36, नंबर 135
حَدَّثَنَا أَبُو مُصْعَبٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ، عَنْ أَبِي حَازِمِ بْنِ دِينَارٍ، عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ، أَنَّهُ سَمِعَ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ يَكُونُ فِي آخِرِ أُمَّتِي خَسْفٌ وَمَسْخٌ وَقَذْفٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Sahl bin Sa’d that the Prophet (ﷺ) said:“At the end of my nation there will be the earth collapsing, transformations, and Qadhf.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Tribulations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।