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सुनन इब्न माजा

नंबर 3967

नंबर 3967किताब 36, नंबर 42
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاوِيَةَ الْجُمَحِيُّ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ لَيْثٍ، عَنْ طَاوُسٍ، عَنْ زِيَادٍ، سِيمِينْ كُوشْ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ تَكُونُ فِتْنَةٌ تَسْتَنْظِفُ الْعَرَبَ قَتْلاَهَا فِي النَّارِ اللِّسَانُ فِيهَا أَشَدُّ مِنْ وَقْعِ السَّيْفِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from ‘Abdullah bin ‘Amr that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“There will be a tribulation which will utterly destroy the Arabs, and those who are slain will be in Hell. At that time the tongue will be worse than a blow of the sword.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Tribulations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।