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सुनन इब्न माजा

नंबर 3966

नंबर 3966किताब 36, नंबर 41
حَدَّثَنَا سُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا مَرْوَانُ بْنُ مُعَاوِيَةَ، عَنْ عَبْدِ الْحَكَمِ السَّدُوسِيِّ، حَدَّثَنَا شَهْرُ بْنُ حَوْشَبٍ، عَنْ أَبِي أُمَامَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ مِنْ شَرِّ النَّاسِ مَنْزِلَةً عِنْدَ اللَّهِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ عَبْدٌ أَذْهَبَ آخِرَتَهُ بِدُنْيَا غَيْرِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Umamah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Among the worst people in status before Allah on the Day of Resurrection will be a person who loses his Hereafter for the sake of this world.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Tribulations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।