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सुनन इब्न माजा

नंबर 3948

नंबर 3948किताब 36, नंबर 23
حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ هِلاَلٍ الصَّوَّافُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، عَنْ غَيْلاَنَ بْنِ جَرِيرٍ، عَنْ زِيَادِ بْنِ رِيَاحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ مَنْ قَاتَلَ تَحْتَ رَايَةٍ عِمِّيَّةٍ يَدْعُو إِلَى عَصَبِيَّةٍ أَوْ يَغْضَبُ لِعَصَبِيَّةٍ فَقِتْلَتُهُ جَاهِلِيَّةٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Whoever fights under a banner of folly, supporting tribalism, or getting angry for the sake of tribalism, he dies in a state of ignorance.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Tribulations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।