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सुनन इब्न माजा

नंबर 3862

नंबर 3862किताब 34, नंबर 36
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ بَكْرٍ السَّهْمِيُّ، عَنْ هِشَامٍ الدَّسْتَوَائِيِّ، عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ أَبِي جَعْفَرٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ ثَلاَثُ دَعَوَاتٍ يُسْتَجَابُ لَهُنَّ لاَ شَكَّ فِيهِنَّ دَعْوَةُ الْمَظْلُومِ وَدَعْوَةُ الْمُسَافِرِ وَدَعْوَةُ الْوَالِدِ لِوَلَدِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah that :the Messenger of Allah (saas) said: "There are three supplications that will undoubtedly be answered: the supplication of one who has been wronged; the supplication of the traveler; and the supplication of a father for his child
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Supplication

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।