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सुनन इब्न माजा

नंबर 3804

नंबर 3804किताब 33, नंबर 148
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ مُوسَى بْنِ عُبَيْدَةَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ ثَابِتٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ كَانَ يَقُولُ ‏ "‏ الْحَمْدُ لِلَّهِ عَلَى كُلِّ حَالٍ رَبِّ أَعُوذُ بِكَ مِنْ حَالِ أَهْلِ النَّارِ ‏"‏ ‏.‏
It was narratd from Abu Hurairah that :the Prophet (ﷺ) used to say: "Al-hamdu lillahi 'ala kulli hal. Rabbi a'udhu bika min hali ahlin-nar (Praise is to Allah in all circumstances, O Allah, I seek refuge with You from the situation of the people of Hell)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।