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सुनन इब्न माजा

नंबर 3725

नंबर 3725किताब 33, नंबर 69
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ حُمَيْدِ بْنِ كَاسِبٍ، حَدَّثَنَا سَلَمَةُ بْنُ رَجَاءٍ، عَنِ الْوَلِيدِ بْنِ جَمِيلٍ الدِّمَشْقِيِّ، أَنَّهُ سَمِعَ الْقَاسِمَ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي أُمَامَةَ، قَالَ مَرَّ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ عَلَى رَجُلٍ نَائِمٍ فِي الْمَسْجِدِ مُنْبَطِحٍ عَلَى وَجْهِهِ فَضَرَبَهُ بِرِجْلِهِ وَقَالَ ‏ "‏ قُمْ وَاقْعُدْ فَإِنَّهَا نَوْمَةٌ جَهَنَّمِيَّةٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Umamah said:"The Prophet(ﷺ) passed by a man who was sleeping in the masjid, lying on his face. He struck him with his foot and said: 'Get up' or; 'Sit up, fo this is a hellish kind of sleep
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।