सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 3699

नंबर 3699किताब 33, नंबर 43
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي حَبِيبٍ، عَنْ مَرْثَدِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْيَزَنِيِّ، عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْجُهَنِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ إِنِّي رَاكِبٌ غَدًا إِلَى الْيَهُودِ فَلاَ تَبْدَءُوهُمْ بِالسَّلاَمِ فَإِذَا سَلَّمُوا عَلَيْكُمْ فَقُولُوا وَعَلَيْكُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu 'Abdur-Rahman Al Juhani that the Messenger of Allah(ﷺ) said:"I am riding to the Jews tomorrow. Do not initiate the greeting with them, and if they greet you, then say: Wa 'alaikum (and also upon you)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।