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सुनन इब्न माजा

नंबर 729

नंबर 729किताब 3, नंबर 24
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْجَرَّاحِ، حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ خَالِدٍ الْحَذَّاءِ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ الْتَمَسُوا شَيْئًا يُؤْذِنُونَ بِهِ عِلْمًا لِلصَّلاَةِ فَأُمِرَ بِلاَلٌ أَنْ يَشْفَعَ الأَذَانَ وَيُوتِرَ الإِقَامَةَ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik said:"They looked for something by means of which they could call out informing of (the time of) the prayer. Then Bilal was commanded to say the phrases of the Adhan twice and the phrases of the Iqamah once
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 3 · The Book of the Adhan and the Sunnah Regarding It

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।