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सुनन इब्न माजा

नंबर 728

नंबर 728किताब 3, नंबर 23
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، وَالْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْخَلاَّلُ، قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ مَنْ أَذَّنَ ثِنْتَىْ عَشْرَةَ سَنَةً وَجَبَتْ لَهُ الْجَنَّةُ وَكُتِبَ لَهُ بِتَأْذِينِهِ فِي كُلِّ يَوْمٍ سِتُّونَ حَسَنَةً وَلِكُلِّ إِقَامَةٍ ثَلاَثُونَ حَسَنَةً ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Umar that:The Messenger of Allah said: "Whoever calls the Adhan for twelve years, he will be guaranteed Paradise, and for each day sixty Hasanat (good deeds) will be recorded for him by virtue of his Adhan, and thirty Hasanat by virtue of his Iqamah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 3 · The Book of the Adhan and the Sunnah Regarding It

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।