حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ أَبُو يَحْيَى، عَنْ يَحْيَى الْبَكَّاءِ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ تَجَشَّأَ رَجُلٌ عِنْدَ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَقَالَ " كُفَّ جُشَاءَكَ عَنَّا فَإِنَّ أَطْوَلَكُمْ جُوعًا يَوْمَ الْقِيَامَةِ أَكْثَرُكُمْ شِبَعًا فِي دَارِ الدُّنْيَا " .
It was narrated that Ibn ‘Umar said:“A man burped in the presence of the Prophet (ﷺ) and he said: ‘Withhold your burps from us! For the most hungry of you on the Day of Resurrection will be those who most ate their fill in this world.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
HasanAl-Albani
HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
Sanad DaifShuaib Al Arnaut
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।