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सुनन इब्न माजा

नंबर 3349

नंबर 3349किताब 29, नंबर 99
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ الْحِمْصِيُّ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَتْنِي أُمِّي، عَنْ أُمِّهَا، أَنَّهَا سَمِعَتِ الْمِقْدَامَ بْنَ مَعْدِيكَرِبَ، يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ مَا مَلأَ آدَمِيٌّ وِعَاءً شَرًّا مِنْ بَطْنٍ حَسْبُ الآدَمِيِّ لُقَيْمَاتٌ يُقِمْنَ صُلْبَهُ فَإِنْ غَلَبَتِ الآدَمِيَّ نَفْسُهُ فَثُلُثٌ لِلطَّعَامِ وَثُلُثٌ لِلشَّرَابِ وَثُلُثٌ لِلنَّفَسِ ‏"‏ ‏.‏
Miqdam bin Madikarib said:“I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: ‘A human being fills no worse vessel than his stomach. It is sufficient for a human being to eat a few mouthfuls to keep his spine straight. But if he must (fill it), then one third of food, one third for drink and one third for air.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Chapters on Food

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।