حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا أَبُو حَفْصٍ، عُمَرُ بْنُ الدَّرَفْسِ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ أَبِي قَسِيمَةَ، عَنْ وَاثِلَةَ بْنِ الأَسْقَعِ اللَّيْثِيِّ، قَالَ أَخَذَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ بِرَأْسِ الثَّرِيدِ فَقَالَ " كُلُوا بِسْمِ اللَّهِ مِنْ حَوَالَيْهَا وَاعْفُوا رَأْسَهَا فَإِنَّ الْبَرَكَةَ تَأْتِيهَا مِنْ فَوْقِهَا " .
It was narrated that Wathilah bin Asqa’ Al-Laithi said:“The Messenger of Allah (ﷺ) took hold of the top of the Tharid and said: ‘Eat in the Name of Allah from its sides and leave the top, for the blessing comes from its top.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।