حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ بْنِ سَعِيدِ بْنِ كَثِيرِ بْنِ دِينَارٍ الْحِمْصِيُّ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عِرْقٍ الْيَحْصُبِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ بُسْرٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أُتِيَ بِقَصْعَةٍ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ " كُلُوا مِنْ جَوَانِبِهَا وَدَعُوا ذُرْوَتَهَا يُبَارَكْ فِيهَا " .
‘Abdullah bin Busr narrated that the Messenger of Allah (ﷺ) was brought a bowl (of food). The Messenger of Allah (ﷺ) said:“Eat from the sides and leave the top, so that it may be blessed.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
HasanShuaib Al Arnaut
Isnaad HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।