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सुनन इब्न माजा

नंबर 3249

नंबर 3249किताब 28, नंबर 50
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا الأَنْصَارِيُّ، حَدَّثَنَا الْمَسْعُودِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏"‏ الْحَيَّةُ فَاسِقَةٌ وَالْعَقْرَبُ فَاسِقَةٌ وَالْفَأْرَةُ فَاسِقَةٌ وَالْغُرَابُ فَاسِقٌ ‏"‏ ‏.‏ فَقِيلَ لِلْقَاسِمِ أَيُؤْكَلُ الْغُرَابُ قَالَ مَنْ يَأْكُلُهُ بَعْدَ قَوْلِ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏"‏ فَاسِقٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from ‘Aishah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Snakes are vermin, scorpions are vermin, mice are vermin and crows are vermin.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Chapters on Hunting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।