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सुनन इब्न माजा

नंबर 3247

नंबर 3247किताब 28, नंबर 48
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سُلَيْمٍ الطَّائِفِيُّ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ أُمَيَّةَ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ مَا أَلْقَى الْبَحْرُ أَوْ جَزَرَ عَنْهُ فَكُلُوهُ وَمَا مَاتَ فِيهِ فَطَفَا فَلاَ تَأْكُلُوهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Jabir bin ‘Abdullah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Whatever the sea throws out or is left behind when the tide ebbs, eat it, but whatever rises to its surface, do not eat it.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Chapters on Hunting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।