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सुनन इब्न माजा

नंबर 3198

नंबर 3198किताब 27, नंबर 37
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُصَفَّى، حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ، حَدَّثَنِي ثَوْرُ بْنُ يَزِيدَ، عَنْ صَالِحِ بْنِ يَحْيَى بْنِ الْمِقْدَامِ بْنِ مَعْدِيكَرِبَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، عَنْ خَالِدِ بْنِ الْوَلِيدِ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ عَنْ لُحُومِ الْخَيْلِ وَالْبِغَالِ وَالْحَمِيرِ ‏.‏
It was narrated that Khalid bin Walid said:“The Messenger of Allah (ﷺ) forbade the flesh of horses, mules and donkeys.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Chapters on Slaughtering

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।