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सुनन इब्न माजा

नंबर 3197

नंबर 3197किताब 27, नंबर 36
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ سُفْيَانَ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، حَدَّثَنَا الثَّوْرِيُّ، وَمَعْمَرٌ، جَمِيعًا عَنْ عَبْدِ الْكَرِيمِ الْجَزَرِيِّ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ كُنَّا نَأْكُلُ لُحُومَ الْخَيْلِ ‏.‏ قُلْتُ فَالْبِغَالُ قَالَ لاَ ‏.‏
It was narrated that ‘Ata’ narrated that Jabir bin ‘Abdullah said:“We used to eat the meat of horses.” I said: “And mules?” He said: “No.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Sahih IsnaadMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Chapters on Slaughtering

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।