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सुनन इब्न माजा

नंबर 3176

नंबर 3176किताब 27, नंबर 15
حَدَّثَنَا أَبُو بِشْرٍ، بَكْرُ بْنُ خَلَفٍ حَدَّثَنَا غُنْدَرٌ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، سَمِعْتُ حَاضِرَ بْنَ مُهَاجِرٍ، يُحَدِّثُ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ، أَنَّ ذِئْبًا، نَيَّبَ فِي شَاةٍ فَذَبَحُوهَا بِمَرْوَةٍ فَرَخَّصَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فِي أَكْلِهَا ‏.‏
It was narrated from Zaid bin Thabit that a wolf bit a sheep, and they slaughtered it with a sharp-edged stone, and the Messenger of Allah (ﷺ) allowed them to eat it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Chapters on Slaughtering

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।