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सुनन इब्न माजा

नंबर 3158

नंबर 3158किताब 26, नंबर 39
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ جَعْفَرِ بْنِ مُحَمَّدٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَمَرَ مِنْ كُلِّ جَزُورٍ بِبَضْعَةٍ فَجُعِلَتْ فِي قِدْرٍ فَأَكَلُوا مِنَ اللَّحْمِ وَحَسَوْا مِنَ الْمَرَقِ ‏.‏
It was narrated from Jabir bin ‘Abdullah that the Messenger of Allah (ﷺ) ordered that a piece from every camel that had been slaughtered be brought and placed in a pot, then they ate from its meat and drank some of the broth
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · Chapters on Sacrifices

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।