حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَعْمَرٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَكْرٍ الْبُرْسَانِيُّ، أَنْبَأَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَنِي الْحَسَنُ بْنُ مُسْلِمٍ، أَنَّ مُجَاهِدًا، أَخْبَرَهُ أَنَّ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ أَبِي لَيْلَى أَخْبَرَهُ أَنَّ عَلِيَّ بْنَ أَبِي طَالِبٍ أَخْبَرَهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَمَرَهُ أَنْ يَقْسِمَ بُدْنَهُ كُلَّهَا لُحُومَهَا وَجُلُودَهَا وَجِلاَلَهَا لِلْمَسَاكِينِ .
‘Ali bin Abu Talib narrated that the Messenger of Allah (ﷺ) commanded him to distribute the entire sacrificial camel – its meat, skin and covers – among the poor
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
SahihShuaib Al Arnaut
Isnaad Sahih Agreed UponZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।