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सुनन इब्न माजा

नंबर 3146

नंबर 3146किताब 26, नंबर 27
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ أَبُو بَكْرٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، عَنِ الثَّوْرِيِّ، عَنْ جَابِرِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ قَرَظَةَ الأَنْصَارِيِّ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ ابْتَعْنَا كَبْشًا نُضَحِّي بِهِ فَأَصَابَ الذِّئْبُ مِنْ أَلْيَتِهِ أَوْ أُذُنِهِ فَسَأَلْنَا النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَأَمَرَنَا أَنْ نُضَحِّيَ بِهِ ‏.‏
It was narrated that Abu Sa’eed Al-Khudri said:“We bought a ram for sacrifice, then a wolf tore some flesh from its rump and ears. We asked the Prophet (ﷺ) and he told us to offer it as a sacrifice.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very Daif IsnaadAl-Albani
  • Very Daif IsnaadMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · Chapters on Sacrifices

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।