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सुनन इब्न माजा

नंबर 3145

नंबर 3145किताब 26, नंबर 26
حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ، حَدَّثَنَا سَعِيدٌ، عَنْ قَتَادَةَ، أَنَّهُ ذَكَرَ أَنَّهُ سَمِعَ جُرَىَّ بْنَ كُلَيْبٍ، يُحَدِّثُ أَنَّهُ سَمِعَ عَلِيًّا، يُحَدِّثُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ نَهَى أَنْ يُضَحَّى بِأَعْضَبِ الْقَرْنِ وَالأُذُنِ ‏.‏
It was narrated from Qatadah that he said that he heard Juray bin Kulaib narrate that he heard ‘Ali narrate that the Messenger of Allah (ﷺ) forbade sacrificing animals with broken horns and ears
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · Chapters on Sacrifices

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।