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सुनन इब्न माजा

नंबर 2886

नंबर 2886किताब 25, नंबर 5
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الدَّوْرَقِيُّ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، أَنْبَأَنَا سُفْيَانُ بْنُ حُسَيْنٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَبِي سِنَانٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ الأَقْرَعَ بْنَ حَابِسٍ، سَأَلَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ الْحَجُّ فِي كُلِّ سَنَةٍ أَوْ مَرَّةً وَاحِدَةً قَالَ ‏ "‏ بَلْ مَرَّةً وَاحِدَةً فَمَنِ اسْتَطَاعَ فَتَطَوُّعٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn ‘Abbas that Aqra’ bin Habis asked the Prophet (ﷺ):“O Messenger of Allah, is Hajj (required) every year, or just once” He said: “Rather it is just once. And whoever can perform Hajj voluntarily, let him do so.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।