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सुनन इब्न माजा

नंबर 2816

नंबर 2816किताब 24, नंबर 64
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَيَّاشٍ، عَنْ عَاصِمٍ، عَنِ الْحَارِثِ بْنِ حَسَّانَ، قَالَ قَدِمْتُ الْمَدِينَةَ فَرَأَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَائِمًا عَلَى الْمِنْبَرِ وَبِلاَلٌ قَائِمٌ بَيْنَ يَدَيْهِ مُتَقَلِّدٌ سَيْفًا وَإِذَا رَايَةٌ سَوْدَاءُ فَقُلْتُ مَنْ هَذَا قَالُوا هَذَا عَمْرُو بْنُ الْعَاصِ قَدِمَ مِنْ غَزَاةٍ ‏.‏
It was narrated that Harith bin Hassan said:“I came to Al-Madinah and saw the Prophet (ﷺ) standing on the pulpit, and Bilal standing in front of him, with his sword by his side, and (I saw) a black flag. I said: ‘Who is this?’ He said: ‘This is ‘Amr bin ‘As, who has just come back from a campaign.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Chapters on Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।