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सुनन इब्न माजा

नंबर 2815

नंबर 2815किताब 24, नंबर 63
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَنْبَأَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ زِيَادِ بْنِ الْحُصَيْنِ، عَنْ أَبِي الْعَالِيَةِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ مَرَّ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم بِنَفَرٍ يَرْمُونَ فَقَالَ ‏ "‏ رَمْيًا بَنِي إِسْمَاعِيلَ فَإِنَّ أَبَاكُمْ كَانَ رَامِيًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Ibn ‘Abbas said:“The Prophet (ﷺ) passed by some people who were shooting (arrows) and said: ‘Shoot, Banu Isma’il, for your father was an archer.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Chapters on Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।