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सुनन इब्न माजा

नंबर 2792

नंबर 2792किताब 24, नंबर 40
حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ آدَمَ، حَدَّثَنَا الضَّحَّاكُ بْنُ مَخْلَدٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ مُوسَى، حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ يُخَامِرَ، حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ جَبَلٍ، أَنَّهُ سَمِعَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ مَنْ قَاتَلَ فِي سَبِيلِ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ مِنْ رَجُلٍ مُسْلِمٍ فُوَاقَ نَاقَةٍ وَجَبَتْ لَهُ الْجَنَّةُ ‏"‏ ‏.‏
Mu’adh bin Jabal narrated that he heard the Prophet (ﷺ) say:“Any Muslim who fights in the cause of Allah for the time between two milkings of a she-camel, he will be guaranteed Paradise.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Chapters on Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।