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सुनन इब्न माजा

नंबर 2791

नंबर 2791किताब 24, नंबर 39
حَدَّثَنَا أَبُو عُمَيْرٍ، عِيسَى بْنُ مُحَمَّدٍ الرَّمْلِيُّ حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يَزِيدَ بْنِ رَوْحٍ الدَّارِيُّ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عُقْبَةَ الْقَاضِي، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، عَنْ تَمِيمٍ الدَّارِيِّ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ مَنِ ارْتَبَطَ فَرَسًا فِي سَبِيلِ اللَّهِ ثُمَّ عَالَجَ عَلَفَهُ بِيَدِهِ كَانَ لَهُ بِكُلِّ حَبَّةٍ حَسَنَةٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Tamim Ad-Dari said:“I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: ‘Whoever ties a horse in the cause of Allah, then feeds it with his own hand, he will have one merit for every grain.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Chapters on Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।