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सुनन इब्न माजा

नंबर 2684

नंबर 2684किताब 21, नंबर 70
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعِيدٍ الْجَوْهَرِيُّ، حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ عِيَاضٍ أَبُو ضَمْرَةَ، عَنْ عَبْدِ السَّلاَمِ بْنِ أَبِي الْجَنُوبِ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ مَعْقِلِ بْنِ يَسَارٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الْمُسْلِمُونَ يَدٌ عَلَى مَنْ سِوَاهُمْ وَتَتَكَافَأُ دِمَاؤُهُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ma'qil bin Yasar that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“The Muslims are one hand against others, and their blood is equal.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Chapters on Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।