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सुनन इब्न माजा

नंबर 2683

नंबर 2683किताब 21, नंबर 69
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى الصَّنْعَانِيُّ، حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ حَنَشٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْمُسْلِمُونَ تَتَكَافَأُ دِمَاؤُهُمْ وَهُمْ يَدٌ عَلَى مَنْ سِوَاهُمْ يَسْعَى بِذِمَّتِهِمْ أَدْنَاهُمْ وَيُرَدُّ عَلَى أَقْصَاهُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Abbas that the Prophet (ﷺ) said:“The blood of every Muslims is equal, they are one hand against others. The asylum offered by the lowest of them in status applies to them (all), and the return is granted to the farthest of them.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Chapters on Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।