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सुनन इब्न माजा

नंबर 2672

नंबर 2672किताब 21, नंबर 58
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُبَيْدِ بْنِ عَقِيلٍ، حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَاصِمٍ، حَدَّثَنَا أَبُو الْعَوَّامِ الْقَطَّانُ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ جُحَادَةَ، عَنْ زِيَادِ بْنِ عِلاَقَةَ، عَنْ أُسَامَةَ بْنِ شَرِيكٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تَجْنِي نَفْسٌ عَلَى أُخْرَى ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Usamah bin Sharik that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“No person will be punished because of another's crime.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Chapters on Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।