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सुनन इब्न माजा

नंबर 2671

नंबर 2671किताब 21, नंबर 57
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، عَنْ يُونُسَ، عَنْ حُصَيْنِ بْنِ أَبِي الْحُرِّ، عَنِ الْخَشْخَاشِ الْعَنْبَرِيِّ، قَالَ أَتَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم وَمَعِي ابْنِي فَقَالَ ‏ "‏ لاَ تَجْنِي عَلَيْهِ وَلاَ يَجْنِي عَلَيْكَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Khashkhash Al-Anbari said:“I came to the Prophet (ﷺ) and my son was with me. He said: 'You will not be punished because of his crime and he will not be punished because of yours.'”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Chapters on Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।