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सुनन इब्न माजा

नंबर 2653

नंबर 2653किताब 21, नंबर 39
حَدَّثَنَا جَمِيلُ بْنُ الْحَسَنِ الْعَتَكِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الأَعْلَى، حَدَّثَنَا سَعِيدٌ، عَنْ مَطَرٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الأَصَابِعُ سَوَاءٌ كُلُّهُنَّ فِيهِنَّ عَشْرٌ عَشْرٌ مِنَ الإِبِلِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Amr bin Shu'aib, from his father, from his grandfather, that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“The fingers are all same, and (the compensatory money) for each of them is ten camels
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Chapters on Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।