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सुनन इब्न माजा

नंबर 2565

नंबर 2565किताब 20, नंबर 33
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ، قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ، وَشِبْلٍ، قَالُوا كُنَّا عِنْدَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَسَأَلَهُ رَجُلٌ عَنِ الأَمَةِ تَزْنِي قَبْلَ أَنْ تُحْصَنَ ‏.‏ فَقَالَ ‏"‏ اجْلِدْهَا فَإِنْ زَنَتْ فَاجْلِدْهَا فَإِنْ زَنَتْ فَاجْلِدْهَا ‏"‏ ‏.‏ ثُمَّ قَالَ فِي الثَّالِثَةِ أَوْ فِي الرَّابِعَةِ ‏"‏ فَبِعْهَا وَلَوْ بِحَبْلٍ مِنْ شَعَرٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah, Zaid bin Khalid and Shibl said:“We were with the Prophet (ﷺ) and a man asked him about a slave woman who commits fornication (again), whip her, even if that is for a rope of hair.' ”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Chapters on Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।