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सुनन इब्न माजा

नंबर 2538

नंबर 2538किताब 20, नंबर 6
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، أَنْبَأَنَا عِيسَى بْنُ يَزِيدَ، أَظُنُّهُ عَنْ جَرِيرِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ أَبِي زُرْعَةَ بْنِ عَمْرِو بْنِ جَرِيرٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ حَدٌّ يُعْمَلُ بِهِ فِي الأَرْضِ خَيْرٌ لأَهْلِ الأَرْضِ مِنْ أَنْ يُمْطَرُوا أَرْبَعِينَ صَبَاحًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“A legal punishment that is carried out in the land is better for the people of that land than if it were to rain for forty days.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Chapters on Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।