सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 2498

नंबर 2498किताब 17, नंबर 8
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْجَرَّاحِ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ مَيْسَرَةَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ الشَّرِيدِ، عَنْ أَبِي رَافِعٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الشَّرِيكُ أَحَقُّ بِسَقَبِهِ مَا كَانَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Rafi' that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“The partner has more right to what is near him, so long as he is still a partner.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Chapters on Pre-emption

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।