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सुनन इब्न माजा

नंबर 2496

नंबर 2496किताब 17, नंबर 5
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، عَنْ حُسَيْنٍ الْمُعَلِّمِ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ الشَّرِيدِ بْنِ سُوَيْدٍ، عَنْ أَبِيهِ الشَّرِيدِ بْنِ سُوَيْدٍ، قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَرْضٌ لَيْسَ فِيهَا لأَحَدٍ قِسْمٌ وَلاَ شِرْكٌ إِلاَّ الْجِوَارُ ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ الْجَارُ أَحَقُّ بِسَقَبِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Sharid bin Suwaid said:“I said: 'O Messenger of Allah, (what do you think of) land owned by only one person but this land has neighbors?' He said: 'The neighbor has more right to property that is near.' ”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Chapters on Pre-emption

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।