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सुनन इब्न माजा

नंबर 2469

नंबर 2469किताब 16, नंबर 34
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ الْمُنْذِرِ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ، عَنْ مُسْلِمٍ الأَعْوَرِ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ لَمَّا افْتَتَحَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم خَيْبَرَ أَعْطَاهَا عَلَى النِّصْفِ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik said:“When the Messenger of Allah (ﷺ) conquered Khaibar, he gave it (to its people) in return for half (of its yield).”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Chapters on Pawning

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।