सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 2468

नंबर 2468किताब 16, नंबर 33
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ تَوْبَةَ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، عَنِ ابْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنِ الْحَكَمِ بْنِ عُتَيْبَةَ، عَنْ مِقْسَمٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَعْطَى خَيْبَرَ أَهْلَهَا عَلَى النِّصْفِ نَخْلُهَا وَأَرْضُهَا ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik said:“When the Messenger of Allah (ﷺ) gave Khaibar to its people in return of its palm trees and land
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Chapters on Pawning

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।