حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، وَالْحَسَنُ بْنُ عَرَفَةَ، قَالاَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ عَيَّاشٍ، حَدَّثَنِي شُرَحْبِيلُ بْنُ مُسْلِمٍ الْخَوْلاَنِيُّ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا أُمَامَةَ الْبَاهِلِيَّ، يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ " الزَّعِيمُ غَارِمٌ وَالدَّيْنُ مَقْضِيٌّ " .
Shurahbil bin Muslim Al-Khawlani said:I heard Abu Umamah Al-Bahil say: “I heard the Messenger of Allah(ﷺ) say: “The guarantor is responsible and the debt must be repaid.' ”
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
HasanShuaib Al Arnaut
HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।