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सुनन इब्न माजा

नंबर 2400

नंबर 2400किताब 15, नंबर 11
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُسْتَمِرِّ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، ح وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ حَكِيمٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، جَمِيعًا عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ سَمُرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ عَلَى الْيَدِ مَا أَخَذَتْ حَتَّى تُؤَدِّيَهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Samurah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“The hand that takes is responsible for what it has taken until it returns it.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Chapters on Charity

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।