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सुनन इब्न माजा

नंबर 2399

नंबर 2399किताब 15, नंबर 10
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الدِّمَشْقِيَّانِ، قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ شُعَيْبٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي سَعِيدٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ الْعَارِيَةُ مُؤَدَّاةٌ وَالْمِنْحَةُ مَرْدُودَةٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik said:“I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: 'Borrowed items are to be returned and an animal borrowed for milking is to be returned.' ”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Chapters on Charity

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।