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सुनन इब्न माजा

नंबर 2388

नंबर 2388किताब 14, नंबर 14
حَدَّثَنَا أَبُو يُوسُفَ الرَّقِّيُّ، مُحَمَّدُ بْنُ أَحْمَدَ الصَّيْدَلاَنِيُّ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنِ الْمُثَنَّى بْنِ الصَّبَّاحِ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ فِي خُطْبَةٍ خَطَبَهَا ‏ "‏ لاَ يَجُوزُ لاِمْرَأَةٍ فِي مَالِهَا إِلاَّ بِإِذْنِ زَوْجِهَا إِذَا هُوَ مَلَكَ عِصْمَتَهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Amr bin Shu'aib, from his father that he delivered:“It is not permissible for a woman to dispose of her wealth except with her husband's permission, once he has married her.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · The Chapters on Gifts

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।