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सुनन इब्न माजा

नंबर 2370

नंबर 2370किताब 13, नंबर 63
حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ الْهَرَوِيُّ، إِبْرَاهِيمُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ حَاتِمٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْحَارِثِ الْمَخْزُومِيُّ، حَدَّثَنَا سَيْفُ بْنُ سُلَيْمَانَ الْمَكِّيُّ، أَخْبَرَنِي قَيْسُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قَضَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِالشَّاهِدِ وَالْيَمِينِ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:“The Messenger of Allah (ﷺ) passed judgement on the basis of a witness along with an oath by the claimant
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Chapters on Rulings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।