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सुनन इब्न माजा

नंबर 2352

नंबर 2352किताब 13, नंबर 45
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ ابْنُ عُلَيَّةَ، عَنْ عُثْمَانَ الْبَتِّيِّ، عَنْ عَبْدِ الْحَمِيدِ بْنِ سَلَمَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، أَنَّ أَبَوَيْهِ، اخْتَصَمَا إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَحَدُهُمَا كَافِرٌ وَالآخَرُ مُسْلِمٌ فَخَيَّرَهُ فَتَوَجَّهَ إِلَى الْكَافِرِ فَقَالَ ‏ "‏ اللَّهُمَّ اهْدِهِ ‏"‏ ‏.‏ فَتَوَجَّهَ إِلَى الْمُسْلِمِ فَقَضَى لَهُ بِهِ ‏.‏
It was narrated from 'Abdul-Hamid bin Salamah, from his father, from his grandfather, that :his parents referred their dispute to the Prophet (ﷺ), and one of them was a disbeliever. He (the Prophet (ﷺ)) said: “O Allah, guide him,” and he turned towards the Muslim, and he ruled that he should go with that parent
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Chapters on Rulings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।